सफदर हाशमीः ऐसा लेखक जिसने सामाजिक मूल्यों के बदले जान देकर चुकाई कीमत

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<strong>नई दिल्लीः</strong> आज से 30 साल पहले पहली जनवरी, 1989 को साहिबाबाद में नुक्कड़ नाटक करते समय उस पर हमला किया गया. अगले दिन उसने दम तोड़ दिया. उसे इसलिए मार डाला गया, क्योंकि वह दबे-कुचले लोगों की आवाज बन गया था. नाटकों के जरिए लोगों में जागरूकता ला

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एबीपी न्यूज़

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